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Tobacco Board
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हमारी जानकारी 

भारत में एक मुख्य वाणिज्य फसल के रुप में तम्बाकू उगता है। लगभग 7000 मिलियन किलोग्राम के वार्षिक उत्पादन से विश्व में तीसरा स्थान हासिल किया है। उगाने वाले विभिन्न प्रकारों (तम्बाकू) में से प्लू-क्यूर्ड तम्बाकू, देशी तम्बाकू, बर्ली, बीडी, रस्टिका और चर्वण तम्बाकू को मुख्य माना जाता है। भारत, तम्बाकू के निर्यातक के रुप में ब्रेजिल, चीन, यू एस ए, मलावी और इटली के बाद छठवाँ स्थान पर है।

तम्बाकू और तम्बाकू उत्पादों से बडी मात्रा में उत्पाद शुल्क के रुप में राष्ट्रीय राजकोष को लगभग रु.10271 करोड और विदेशी मुद्रा के रुप में रु. 2022 करोड (2006-07) के वार्षिक धन-राशि का उपार्जन होता है। इसके साथ-साथ तम्बाकू एक लाभकर रोजगार का स्रोत भी है । कई लाखों लोग इस तम्बाकू फसल पर आधारित हैं।

प्लू क्यूर्ड तम्बाकू, लगभग 240 मिलियन किलोग्राम के वार्षिक उत्पादन का एक मात्र प्रकार है, जो विदेशी मुद्रा और उत्पाद शुल्क उपार्जन करने में भारी धन-राशि प्राप्त होने में योगदान देता है। उत्पादित एफ सी वी तम्बाकू में से लगभग 50% देश में ही उपभोग किया जाता है, जो शेष फसल को विश्व भर में 100 से अधिक देशों को निर्यात किया जाता है । अन्य प्रकार के तम्बाकू जैसे., बर्ली, देशी तम्बाकू, चर्वण तम्बाकू (लाल चोपाडिया, जुडी और रस्टिका आदि.) का भी निर्यात किये जाते हैं, जो कि बीडी, जो गरीब लोगों का ध्रूमपान माना जाता है - को केवल देश में ही उपभोग किया जाता है।

प्लू क्यूरड वर्जीनिया तम्बाकू आन्र प्रदेश और कर्नाटका राज्यों में विविध कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अंतर्गत उगाने वाले मुख्य प्रकार का किस्म है । यह कर्नाटका के हल्की मिट्टी क्षेत्रों में वर्षाधार (रैन-फेड) फसल के रुप में और दक्षिण-पश्चिमी मानसून वर्षा के परिणाम के सुरक्षित आद्र्रता के अंतर्गत आन्र प्रदेश के भारी (हेवी) मिट्टी क्षेत्रों में उगायी जाती है । इस फसल की उगाई, आन्र प्रदेश के उत्तरी हल्की मिट्टी (एन एल एस) में और ओडिसा के पूर्वी हल्की मिट्टी (ई एल एस) क्षेत्रों में सिंचाई (परि) स्थितियों में और आन्र प्रदेश के दक्षिण हल्की मिट्टीयों (एस एल एस) में सेमी-मानसून फसल के रुप में की जाती है। अत: भारत विभिन्न प्रकार के तम्बाकू को उत्पाद करने में, ताकि विवेकी ग्राहकों के अभिरुचियों को प्रदान अपार शक्य सम्पन्न बना हुआ है।

भारत सरकार ने, तम्बाकू उद्योग को सर्वतोन्मुखी विकास लाने के उद्धेश्य से वर्ष 1975 में (दि.01.01.1976 से लागू है।) संसद के अधिनियम के अंतर्गत तम्बाकू बोर्ड की स्थापना की है और जिसका मुख्यालय गुण्टूर, आन्ध्रप्रदेश में हैं।

तम्बाकू बोर्ड को अ प्र सं.9001:2000 का प्रमाणपत्र:
तम्बाकू बोर्ड अपने आगे की क्रियाकलपों के विस्तार में, क्रमबद्ध ढंग से अपने ग्राहकों अर्थात् उत्पादकों एवं व्यापारियों की संतुष्ठि तक सेवाएँ प्रदान करने के व्दारा अपनी श्रेष्ठता को बढाने की कामना की है। मेसर्स डेट नास्र्के वेरिटास (डी एन वी ), नेथरलौण्डस ने अ प्र सं.9001:2000 स्थायी प्रमाणों से गुणता प्रबंध पद्धति स्थापित करने के लिए तम्बाकू बोर्ड को अ प्र सं.9001:2000 का प्रमाण पत्र प्रदान किया। तम्बाकू बोर्ड ने आयतकों की आवश्कताओं को पूर्ती करने के लिए तम्बाकू पत्ते की गुणता को बढाने, उत्पादन एकीकरण और अनुमार्गणीयता, नमूना परियोजना क्षेत्र और गुणता परिधियों को प्राप्त करने के उद्धेश्य से पद्धति को कार्यान्वयन करना प्रारंभ किया। बोर्ड, ग्राहकों की आवश्यकताओं पूरा करने के लिए प्रतिबद्धित है। बोर्ड वौश्विक बाजार की अपेक्षाओं को सामना करने का उद्धेश्य से सभी भारतीय निर्याताकों को अ प्र सं.प्रमाण पत्र प्राप्त करने की सलाह देता है।
ISO 9001:2000 Certification

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